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ऐ ख़ुदा! मुझे छुड़ाने के लिए, ऐ ख़ुदावन्द, मेरी मदद के लिए कर जल्दी कर!
जो मेरी जान को हलाक करने के दर पै हैं,
वह सब शर्मिन्दा और रुस्वा हों।
जो मेरे नुक़्सान से ख़ुश हैं,
वह पस्पा और रुस्वा हों।
अहा! हा! हा!
करने वाले अपनी रुस्वाई के वजह से पस्पा हों।
तेरे सब तालिब तुझ में ख़ुश — ओ — ख़ुर्रम हों;
तेरी नजात के 'आशिक़ हमेशा कहा करें, “ख़ुदा की तम्जीद हो!”
लेकिन मैं ग़रीब और मोहताज हूँ; ऐ ख़ुदा,
मेरे पास जल्द आ!
मेरा मददगार और छुड़ाने वाला तू ही है;
ऐ ख़ुदावन्द, देर न कर!